रामप्यारी को वैक्सीन कब लगेगा??
ओ बाबू, ओ भैया तनिक हमारे बारे में भी तो सोचो । सबको वैक्सीन लग रहा है , हमको कब लगेगा? हम कब बाहर जा पायेगें अपना हरा-भरा घास चरने? सारी दुनिया तो परेशान है कि ईहां जाना है, उहाँ जाना है। हमको भी अपने माईके जाना है। अरे कोई हमको छोड़ आओ। हमको भी हमरी अम्मा की बहुत याद आ रही है। ऐसा करो, जल्दी-जल्दी वैक्सीन लगवा लो। बच्चों का कितना नुकसान हो रहा है। दो साल से स्कूल नहीं गये। का इरादा है आपका, बच्चों को भी काला अक्षर भैंस बराबर बनाना चाहते हो का? हम तो ई बदनामी के साथ जन्म-जन्म से जी रही हूँ निरक्षरता के साथ। अपने बच्चों के साथ अईसन नाहीं करो। उनके आगे जीवन का सोचो रे । बड़े लोग करोना नियम का पालन करो। कोवैक्सीन, कोवीशील्ड, मोडरना, स्पूतनिक जो भी मिले, लगवाई लो रे, नहीं तो अईसा ही रह जाओगे बेरोजगार, बिना शादी के, हाँ। और हम भी दूध देना बंद कर दूँगी। जय सियाराम।।।